एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'है जवानी तो इश्क होना है' में 'चुनरी चुनरी' और 'वेलकम टू द जंगल' में 'एक ऊंचा लंबा कद फॉरएवर' जैसे गानों के रीमिक्स संस्करण आने वाली फिल्मों पर एक फिल्म निर्माता ने रीमिक्स संस्कृति पर सवाल उठाया है। पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड में रीमिक्स गानों की प्रचुरता बढ़ी है। अधिकांश फिल्मों में कम-ोबेश एक सुपरहिट गाने का रीमिक्स शामिल होता है। कुछ को दर्शक पसंद करते हैं तो कुछ इसकी आलोचना करते हैं। सोमवार को जारी 'ऊंचा लंबा कद 2.0' को लेकर विवाद हुआ है। अक्षय कुमार और दिशा पाटनी पर बने इस रीमिक्स गाने पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया मिली है। इस बीच फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने एक पोस्ट के माध्यम से रीमिक्स संस्कृति पर चिंता जताई है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा - '2026 का फिल्मी संगीत: 20 साल पहले के हर सुपरहिट गाने को रीमिक्स करके रिलीज किया जा चुका है। मेरी असली चिंता यह है: 2046 में वे किसका रीमिक्स बनाएंगे? क्या इन्हीं रीमिक्स गानों का?'। साथ ही उन्होंने प्रीक्वल-सीक्वल और रीमेक पर प्रतिबंध की काल्पनिक स्थिति पर भी टिप्पणी की है। 'वेलकम टू द जंगल' फिल्म 26 जून को रिलीज होने वाली है जिसमें अक्षय कुमार, दिशा पाटनी और सुनील शेट्टी ने अभिनय किया है। यह वेलकम फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है जिसका निर्देशन अहमद खान ने किया है।



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