जागरण संवाद, लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने विधि पाठ्यक्रमों के उत्तीर्ण ग्रेडिंग मानदंडों में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार, छात्रों को अब किसी विषय में मुख्य लिखित परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग उत्तीर्ण होने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन के संयुक्त अंकों में न्यूनतम 40% प्राप्त करने पर ही उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा। हालाँकि, पूरे सेमेस्टर के सभी विषयों में छात्रों को कुल 45% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं। कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी के अनुसार, यह नई व्यवस्था छात्रों पर दबाव कम करेगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एलएल.बी. (त्रिवर्षीय) और पांच वर्षीय पाठ्यक्रमों में परिवर्तनों की घोषणा की है। इसके तहत सभी छात्रों को विषम से सम सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा, जिससे सैकड़ों छात्रों को राहत मिलेगी और शैक्षणिक सत्र नियमित बना रहेगा। मूल्यांकन पद्धति में बड़े बदलाव के साथ, पहले की 90:10 के अनुपात वाली लिखित परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था को संशोधित कर 75:25 का नया अनुपात लागू किया गया है। अब कुल 100 अंकों में से 40 अंक प्राप्त करना उत्तीर्णता की शर्त होगी। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार, संशोधित मार्कशीट शीघ्र जारी की जाएगी और उसके बाद छात्र आगामी सम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।
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