नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जाने लगे तो दिल्ली पुलिस ने उन सभी को बीच में ही रोक दिया। इससे जंतर मंतर से पहले ही सड़कों पर हो हंगामा होने लगा। इस दौरान विपक्षी नेताओं की दिल्ली पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। इसी बीच, जहां राहुल गांधी को पुलिस ने आगे बढ़ने से घेर कर रोक लिया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया, वहीं उनकी बहन और सांसद प्रियंका गांधी वहीं सड़क पर लेट गईं। उन्होंने पुलिस पर बर्बरता करने और खुद को जहां-तहां छने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "ये हमारे साथ ऐसा बुरा बर्ताव कर रहे हैं। वे सांसदों को पीट रहे हैं। पुलिसवालों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया है। उन्होंने हमें जमीन पर पटक दिया। अब हम यहां से नहीं हटेंगे। वे अपनी फोर्स को वापस बुला लें। मैं यहां से नहीं हटूंगी।" प्रियंका गांधी समेत अन्य महिला सांसद भी दिल्ली के शांगरी-ला होटल के निकट सड़क पर लेट गईं, उनके हाथों में संविधान की प्रतियां थीं।
दरअसल, विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने अशोक रोड पर संगरीला होटल के सामने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहते थे। इससे पहले जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में आयोजित भोज में मंगलवार को हुए प्रदर्शन और आगे की रणनीति को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने चर्चा की। इस भोज में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सांसद शामिल हुए। हालांकि, समाजवादी पार्टी का कोई प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हुआ।















