जागरण संवाददाता, बांदा। बांदा में एक महिला ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं सपा नेता मोहन साहू पर चप्पलों से प्रहार किया। मंगलवार सुबह की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। महिला ने साहू पर उत्पीड़न और जबरन अपने आवास से बेदखल कराने का आरोप लगाया है। वहीं, पूर्व अध्यक्ष ने इस घटना को राजनीतिक साजिश बताया और स्थानीय विधायक को जिम्मेदार ठहराया है।
मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे पूर्व अध्यक्ष साहू अपनी कार से खुटला मुहल्ले की एक महिला के अंतिम संस्कार में शामिल होने राजघाट जा रहे थे। वापसी में जब उनकी कार मंदिर के सामने रुकी, तो पद्माकर चौराहे की गीता देवी ने हाथ जोड़कर वाहन रोक लिया। महिला ने साहू पर अन्याय होने का दावा किया और अपने पैर से चप्पल उतारकर उन पर फेंकी। साहू ने तुरंत कार का शीशा बंद कर लिया।
पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि उस समय स्थानीय विधायक अपनी टीम के साथ मौजूद थे और सड़क पर यातायात जाम की स्थिति थी। उन्होंने लोगों से कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करके सड़क पर अवरोध लगाया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार में भाग लेकर महिला को कंधा दिया।
साहू ने दावा किया कि महिला ने उन पर पहले चार-पाँच बार शिकायत दर्ज कराई है और स्थानीय विधायक ने उन पर एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराने का प्रयास किया है। प्रशासनिक जांच में ये आरोप निराधार पाए गए। उन्होंने कहा कि महिला ने पड़ोसियों को भी इन आरोपों में शामिल किया है।
29 मई को न्यायालय के आदेश पर महिला के आवास को खाली कराया गया था। इसके बाद से महिला ने उन पर गाली-गलौज और जातिगत टिप्पणियों का आरोप लगाया है। साहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका महिला के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है और वे उसे सम्मान देते हैं।
स्थानीय विधायक प्रकाश द्विवेदी ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि पूर्व अध्यक्ष द्वारा महिला का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला द्वारा आवास पर कब्जे के आरोप को गलत साबित किया गया है और यह मामला पूर्व-नियोजित प्रतीत होता है।
दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की सलाह दी है। यदि समझौता नहीं होता है तो तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









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