डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी 'धुरंधर' फिल्म के कारण बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए मुंबई में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले की योजना बना रही थी। इस फिल्म ने दाऊद को कमजोर और बीमार दिखाया, जिससे संगठन की इमेज को भारी नुकसान हुआ। पाकिस्तान और खाड़ी देशों में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन टोरेंट पर यह सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली फिल्मों में से एक बनी। इसके बाद दाऊद के समर्थकों ने अपनी ताकत प्रदर्शित करने का निर्णय लिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, डी-कंपनी ने मुंबई में बड़े हमले या किसी प्रभावशाली व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। इसका उद्देश्य अंडरवर्ल्ड में अपनी घटती हुई सत्ता को फिर से स्थापित करना था। छोटा शकील के गिरोह को कट्टरपंथी युवाओं को भर्ती करने का काम सौंपा गया। इन युवाओं को मुंबई के बांद्रा गरिब नगर में एक अवैध मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर उकसाया गया। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इन्हें प्रशिक्षण दिया और हथियार उपलब्ध कराए। मुन्ना झिंगड़ा, जो जोगेश्वरी, मुंबई का निवासी है, को दाऊद का प्रमुख सहयोगी माना जाता है। वह छोटा शकील के साथ भी जुड़ा रहा है और अपनी निशानेबाजी के लिए कुख्यात है। इस साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी झिंगड़ा पर थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में इस आतंकवादी मॉड्यूल को पकड़ा, जिसमें दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में हमलों की योजना बन रही थी। नौ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया।




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