अरविंद शर्मा, नई दिल्ली। देश में कृषि की प्रमुख चुनौती अब खाद की कमी नहीं, बल्कि इसके असंतुलित एवं अनुचित प्रयोग को माना जा रहा है। खेतों में यूरिया की अत्यधिक मात्रा में खपत से मिट्टी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर सरकार ने मिट्टी के संरक्षण हेतु 'खेत बचाओ अभियान' शुरू किया है, जो सोमवार से प्रभावी हुआ। इस अभियान के तहत कृषि विशेषज्ञों की 1600 से अधिक टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को कम मात्रा में उर्वरक प्रयोग, संतुलित पोषण एवं वैज्ञानिक सलाह प्रदान करेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक उर्वरक का प्रयोग उत्पादन बढ़ाने के बजाय मिट्टी के साथ-साथ किसानों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुँचाता है।
फसलों को संतुलित पोषण देने के लिए नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) एवं पोटाश (K) का अनुपात 4:2:1 होना चाहिए, परंतु वर्तमान में यह अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर 9.3:3.5:1 तक पहुँच गया है। इसका प्रमुख कारण यूरिया की सस्ती कीमत है, जिसके लिए केंद्र सरकार प्रतिवर्ष 1.99 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी देती है। किसानों को हरी-भरी फसलें देखकर संतुष्टि होती है, परंतु दीर्घकालिक प्रभाव में मिट्टी विषाक्त हो जाती है। पंजाब-हरियाणा जैसे राज्यों में NPK अनुपात राष्ट्रीय मानकों से कई गुना अधिक है, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान में भी यह समस्या तेजी से फैल रही है।
रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा घट रही है तथा जिंक, सल्फर और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी बढ़ रही है। किसानों द्वारा उर्वरक की मात्रा बढ़ाने के बावजूद उत्पादन में वृद्धि नहीं हो पा रही है, जिससे लागत बढ़ रही है और लाभ घट रहा है। अधिक यूरिया के प्रयोग से भूजल में नाइट्रेट का स्तर बढ़कर पेयजल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है।
'खेत बचाओ अभियान' के अंतर्गत कृषि वैज्ञानिक एवं राज्य सरकारों की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खाद के प्रयोग और फसल की आवश्यकतानुसार पोषण प्रबंधन के बारे में जागरूकता फैलाएंगी। साथ ही उर्वरकों पर होने वाले अत्यधिक व्यय के प्रति किसानों को सतर्क किया जाएगा।
शीर्ष 12 राज्यों में NPK अनुपात की स्थिति:
- नागालैंड: 101:5.8:1
- राजस्थान: 45.7:15:1
- झारखंड: 37.3:11:1
- पंजाब: 29.8:6.5:1
- हरियाणा: 29.2:7.3:1
- उत्तर प्रदेश: 22.7:6.7:1
- उत्तराखंड: 22.2:5.1:1
- मध्य प्रदेश: 15.3:6.8:1
- गुजरात: 14.7:4.6:1
- तेलंगाना: 12.6:4.8:1
- छत्तीसगढ़: 11.2:5.1:1
- बिहार: 11:3.3:1
नोट: नाइट्रोजन में मुख्यतः यूरिया, फॉस्फोरस में डीएपी और पोटाश में पोटेशियम क्लोराइड शामिल है।

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