शामली (पीपीजे न्यूज)।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के चढ़ावा मंे करोड़ों रुपए के धन और सोने, चांदी की चोरी के सवाल पर उन्होंने कहा, जिस ट्रस्ट से सीधे पीएमओ जुड़ा हुआ है, उसमें एसआईटी क्या जांच करेगी? किसी अफसर की हिम्मत है कि वह निष्पक्ष कुछ कह दे, वह तो ऊपर से जो निर्देश आएगा उस पर रिपोर्ट देने के लिए बाध्य है।
उन्होंने कहा, राम मंदिर ट्रस्ट मंे यदि घोटाला नहीं हुआ है तो मुख्यमंत्री अयोध्या दौरे पर क्यों डीएम से कहलवा रहे कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को उनकी बैठक से अलग किया जाए, यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है, मंदिर में बड़े स्तर पर धांधलियां हुई है। उन्होंने चंपत राय से दूरी बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा, जिस समय किसी के ऊपर दाग लगे हों, उस समय उसको पास बैठाने का मतलब ही अलग होता है। राम मंदिर में चोरी के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से सबूत दिए जाने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा, जब गोबर के नीचे दबे रुपए निकल रहे हैं, लोग पकड़े जा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री और कितने सबूत चाहिए? क्या गोबर में रुपया रखा जाता है। महीनों-महीनों की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिया गया, क्या यह सबूत नहीं है। जो आवाज उठाता है, उसे निकाल देते हो, तो फिर सबूत क्या होता है? ये सब सबूत तो चिल्ला-चिल्लाकर बता रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, नृपेन्द्र मिश्र ने मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान में अयोध्या में कार सेवकों पर गोलियां चलावायी थी, आज वही अयोध्या मंे बैठकर राम मंदिर बनवा रहा है। जिसने हमारे कारसेवकों पर गोलियां चलवायी हमारे भाई मारे गए उसको वहां मंदिर परिसर में देखकर खून खोलता है।

उन्होंने कहा, आईपीएल के खिलाड़ियों की तहर जब सांसद, विधायक बिकने लगे, होर्सट्रेडिंग होने लगी इससे देश का तंत्र ही कलंकित होने लगा है। इसका मतलब है कि लोगों की आस्था खत्म होकर नयी व्यवस्था आएगी।
शंकराचार्य ने कहा, जब अमरीका का राष्ट्रपति सामने बैठकर हमारे पीएम के बारे में कहता है, यह दिखता अच्छा है लेकिन अंदर से हत्यारा है। क्या इससे खराब दिन कभी देखे हैं? पीएम मोदी अमरीका के बड़े दबाव में हैं, वह अपमान पर अपमान करता चला जा रहा है, और ये बोल नहीं पा रहे। जब डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम को किलर कहा तो इन्हें पलट कर कहना चाहिए था कि किलर तो तुम हो, जो तुमने हमारे तीन जवानों की हत्या की।















