सावन की दूसरी सोमवारी के दिन प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है। इस साल सावन का दूसरा सोमवार व्रत आर्द्रा नक्षत्र और पुनर्वसु नक्षत्र के संयोग में रखा जाएगा। सावन के दूसरे सोमवार पर नियमपूर्वक पूजा करने से औघड़दानी की कृपा हमेशा भक्तों पर बनी रहती है। सावन सोमवार के दिन विशेष रूप से शिव जी का अभिषेक किया जाता है। सावन सोमवारी पर अलग-अलग कामनाओं के साथ जलाभिषेक करने का महत्व है। इसमें सही विधान का ध्यान रखा जाए तो लाभ प्राप्त होता है। पूरी श्रद्धा के साथ शिव जी की उपासना और अभिषेक करने से मनोकामना पूरी होती है। अगर आप किसी कारणवश सावन के दूसरे सोमवार का व्रत नहीं कर पा रहे हैं तो विभिन्न तरीकों से अभिषेक कर शिव जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं सावन के दूसरे सोमवार पर किन चीजों से अभिषेक करना चाहिए और जल चढ़ाने का सही तरीका -
भगवान शिव को जल कैसे चढ़ाएं?
भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए तांबे, चांदी या पीतल का लोटा लें।
शिवलिंग पर जलाभिषेक हमेशा उत्तर की दिशा में करना चाहिए। उत्तर की दिशा शिव जी का बाया अंग मानी जाती है, जो पार्वती माता को समर्पित है।
सबसे पहले शिवलिंग के जलाधारी की दाएं दिशा में जल चढ़ाना चाहिए, जहां गणेश जी का वास माना जाता है।
अब शिवलिंग के जलाधारी के बाएं दिशा में जल चढ़ाएं, जो भगवान कार्तिकेय की जगह मानी गई है।
इसके बाद शिवलिंग के जलाधारी के बीचों-बीच जल चढ़ाना चाहिए, जो भोलेनाथ की पुत्री अशोक सुंदरी को समर्पित है।
अब शिवलिंग के चारों ओर, गोल भाग, माता पार्वती के हस्तकमल पर जल चढ़ाएं, जो माता पार्वती की जगह मानी जाती है।
आखिर में शिवलिंग के ऊपरी भाग यानि शीर्ष पर जल चढ़ाएं।
किन चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक?
गंगाजल से अभिषेक करने पर मुक्ति (मोक्ष) प्राप्त होता है।
दूध से अभिषेक करने पर स्वस्थ शरीर व निरोगी काया प्राप्त होती है।
घी से शिव का अभिषेक करने से संपन्नता आती है।
जल से शिव का अभिषेक करने पर दीघार्यु प्राप्ति होती है तथा विघ्ननों का नाश होता है।
शक्कर से अभिषेक करने पर पुष्टि में वृद्धि होती है।
दही से अभिषेक करने पर विघ्ननों का नाश होता है।
आम रस से अभिषेक करने पर योग्य संतान प्राप्ति होती है।
इत्र से (सुगंधित द्रव्य) से अभिषेक करने पर व्यक्ति कीर्तिवान होता है।
सरसों के तेल से श्रावण मास में शिवजी का अभिषेक करने से शत्रुओं का शमन होता है।
गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है। सम्पन्नता मिलती है।















