शामली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व सांसद स्व. हुकुम सिंह की अध्यक्षता में गठित सामाजिक न्यायिक समिति की रिपोर्ट को लागू किए जाने की मांग की है। इस अवसर पर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन देते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में संसदीय कार्यमंत्री स्व. हुकुम सिंह की अध्यक्षता में गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट 10 अक्तूबर 2001 को तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी गयी थी। हुकुम सिंह की अध्यक्षता में बनी इस समिति में अत्याधिक पिछडे, वंचित अनुसूचित वर्गों के उत्थान के लिए सामाजिक असंतुलन दूर करने के लिए सामाजिक न्याय समिति का गठन किया गया था क्योंकि आरक्षण का लाभ कुछ ही व्यक्तियों में सिमट कर रह गया था। उच्चतम न्यायालय ने भी राज्यों को आरक्षण में वर्गीकरण का अधिकार दिया था लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र एवं राज्य सरकार सामाजिक न्याय का मुद्दा भूल गयी है, जबकि यही वंचित वर्ग भाजपा का सबसे बडा समर्थक रहा है। पिछडे एवं दलित वर्गों के आरक्षण का वर्गीकरण पश्चिम बंगाल, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं पुडुचेरी में हो चुका है। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए। इस अवसर पर राजेश कश्यप, प्रमोद कश्यप, पुष्पेन्द्र कश्यप, डा. रामलाल सिंह कश्यप, ओमसिंह, कृष्णपाल सिंह कश्यप आदि भी मौजूद रहे।















