जागरण संवाददाता, बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में इस सत्र की जंगल सफारी 15 जून को समाप्त हो जाएगी। मानसून के दौरान पर्यटकों का प्रवेश निलंबित रहेगा। इसके पश्चात 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए सफारी पुनः आरंभ की जाएगी। इससे पूर्व ट्रैक की मरम्मत जैसे कार्य किए जाएंगे। अमानगढ़ में बाघ, हाथी, गुलदार, हिरण, किंग कोबरा, लकड़बग्घे और भालू सहित विविध वन्यजीव निवास करते हैं। वर्ष 2022 में शुरू की गई इस सफारी में पर्यटकों को वन्यजीवों की स्वतंत्र गति से घूमते देखने को मिला। पहले दिन से ही पर्यटकों को बाघ, हाथी और गुलदार दिखाई देने लगे। प्रतिवर्ष सफारी 15 नवंबर को शुरू होती है और 15 जून को बंद कर दी जाती है, जिसका मुख्य कारण मानसून है। बारिश में वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तथा जलधाराएँ रास्तों को अवरुद्ध कर देती हैं, जिससे पर्यटकों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। यदि बारिश देरी से आती है तो समयसीमा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है, परंतु इस वर्ष समय पर मानसून की संभावना है। अतः इस वर्ष सफारी 15 जून को ही समाप्त होगी। बारिश समाप्त होने पर मार्गों की मरम्मत के पश्चात 15 नवंबर को सफारी पुनः शुरू की जाएगी। क्षेत्रीय वन अधिकारी अंकिता किशोर के अनुसार इस वर्ष भी पर्यटकों को सफारी में वन्यजीवों की प्रचुरता देखी गई। 32 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर चलने वाली यह सफारी पर्यटकों को प्रवेश द्वार से झीरना गेट तक ले जाती है। यह ट्रैक एक तरफ 16 किलोमीटर लंबा है तथा वापसी का मार्ग भी यही होता है। इस दौरान पर्यटक वाटर होल पर वन्यजीवों को देख पाते हैं। कई बार बाघ पानी पीते हुए या वाटर होल में बैठे देखे गए हैं। पर्यटकों का प्रवेश 15 जून से बंद कर दिया जाएगा, जिसे वर्षाकाल की शुरुआत माना जा रहा है। अगले सत्र में सफारी पुनः शुरू की जाएगी। जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ


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