मनोरंजन डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा समाज का आईना होता है। कुछ फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित रहती हैं, पर कुछ दर्शकों के दिलों में घर कर जाती हैं। 43 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म आई थी जिसने माता-पिता को इतना हिला दिया कि वे अपने बच्चों को संपत्ति देने से कतराने लगे। फिल्म बनते समय किसी को नहीं पता था कि यह दर्शकों को सिसकाते हुए रोने पर मजबूर कर देगी। आज भी टीवी पर प्रसारित होने पर देखने वाले अपने भावनाओं पर काबू नहीं पाते। उस समय सिनेमाघरों से निकलने वाले हर व्यक्ति की आँखें नम थीं। यह फिल्म 'अवतार' राजेश खन्ना की थी, जिन्हें सिनेमा का पहला सुपरस्टार माना जाता था। जब उनका करियर संकट में था, तब यह फिल्म उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुई। मोहन कुमार ने निर्देशित और निर्मित यह फिल्म में राजेश खन्ना ने एक वृद्ध पिता की भूमिका निभाई थी। शबाना आजमी ने उनके साथ मुख्य भूमिका में अभिनय किया। ए.के. हंगल, सचिन पिलगांवकर, रंजन ग्रेवाल और अन्य कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। कहानी में अवतार किशन (राजेश खन्ना) और उनकी पत्नी राधा (शबाना आजमी) की है, जिन्हें उनके बच्चों ने घर से बेदखल कर दिया। बुढ़ापे में भटकने के बाद अवतार ने फिर से सफलता पाई। इस फिल्म ने दर्शकों और आलोचकों दोनों को प्रभावित किया और बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही। राजेश खन्ना के करियर को नई दिशा देने वाली इस फिल्म ने उन्हें वापस सिनेमा की मुख्यधारा में ला दिया। रिलीज के बाद लोगों ने अपने बच्चों को संपत्ति देने से हिचकिचाना शुरू कर दिया। IMDb के अनुसार, कई वृद्ध जोड़ों ने अपने बच्चों को दी गई संपत्ति के दस्तावेज वापस अपने नाम कराए, क्योंकि उन्हें डर था कि उनके बच्चे भी इस फिल्म की तरह व्यवहार कर सकते हैं।



-1780311298013.webp)






-1780248434452.webp)