एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। वर्तमान समय में सिनेमा हॉल, ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म और यूट्यूब जैसे माध्यमों से मनोरंजन का सेवन किया जाता है। पर एक समय था जब मनोरंजन की बात आती तो दूरदर्शन टीवी चैनल ही लोगों का एकमात्र स्रोत होता था। महाभारत, रामायण और शक्तिमान जैसे कई लोकप्रिय कार्यक्रम दूरदर्शन की पहचान रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह कौन सा कार्यक्रम था जो दूरदर्शन पर सबसे पहले प्रसारित हुआ था? आइए विस्तार से जानते हैं। भारतीय टेलीविज़न के इतिहास में दूरदर्शन को सबसे पुराना चैनल माना जाता है, जिसने दशकों तक दर्शकों को घर बिठाए मनोरंजित किया। इसी संदर्भ में दूरदर्शन के सबसे पहले और पुराने कार्यक्रम का नाम 'कृषि दर्शन' है। यह कार्यक्रम 26 जनवरी 1967 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दूरदर्शन पर प्रथम प्रसारित हुआ था। इस कार्यक्रम की शुरुआत चैनल की पहली एंकर प्रीतिमा पुरी ने की थी। नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें भारतीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, ग्रामीण विकास और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती थी। उस समय टेलीविज़न कार्यक्रमों की संख्या सीमित होने के कारण 'कृषि दर्शन' भी मनोरंजन का एक प्रमुख साधन बन गया। यह कार्यक्रम कृषि प्रधान भारत के किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि इसमें विशेषज्ञों द्वारा दी गई सलाहों से किसानों को खेती में व्यावहारिक मदद मिलती थी। 62 सीज़न में 16,780 एपिसोड के साथ यह कार्यक्रम दूरदर्शन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिक के रूप में जाना जाता है। इन एपिसोडों के माध्यम से किसानों को कृषि से संबंधित ज्ञान का विशाल भंडार उपलब्ध कराया गया, जिससे उनकी फसलों की पैदावार बढ़ाने में सहायता मिली।











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