जागरण संवाददाता, आगरा। रेलवे ने सोमवार शाम को ईदगाह-खेरिया रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 90 दिनों तक रहेगा, जिसमें गर्डर और स्लैब में बदलाव किए जाएंगे। केवल तीन टन तक वजन वाले वाहनों को ही इस पुल से गुजरने की अनुमति होगी।
नई दिल्ली-आगरा रेल मार्ग पर स्थित यह 63 साल पुराना पुल है। जी-20 सम्मेलन से पहले 15 जनवरी 2023 से 35 दिनों तक इसे बंद किया गया था, जिसमें चार गर्डर बदलने और मरम्मत पर साढ़े 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह पुल वीआईपी रोड को जोड़ता है और खेरिया मोड़ पर आगरा वायुसेना स्टेशन तथा मलपुरा ड्रापिंग जोन स्थित हैं।
रोज़ाना 40 हज़ार से अधिक भारी और एक लाख से अधिक हल्के वाहनों का यहाँ आवागमन होता है। पुल के दो स्पैन (39.98 मीटर और 18.3 मीटर) में स्टील गर्डर में जंग लगने, डेक स्लैब के कंक्रीट के उखड़ने और लोहे की सरियों के गंभीर क्षरण की समस्या है। रेलवे अधिकारी ने बताया कि नवंबर 2025 में मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण इसे मार्च 2026 तक स्थगित कर दिया गया था।
अब सोमवार से भारी वाहनों के लिए पुल पर प्रतिबंध लागू किया गया है और रेलवे द्वारा चेतावनी बोर्ड व हाइट गेज लगाए गए हैं। यह कार्य सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान स्कूली बसें सहित तीन टन तक के वाहन ही पुल का उपयोग कर सकेंगे। भारी वाहनों को मलपुरा रोड और रोहता नहर-ग्वालियर रोड से गुजरना होगा।
लाखों लोगों की आवाजाही और भारी वाहनों के चलने के कारण इस पुल पर भीड़भाड़ की स्थिति बन सकती है, क्योंकि यह आगरा से जगनेर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है।

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