सुमित शिशोदिया, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर, जिसे 'विंडो सिटी' कहा जाता है, में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) की गणना के लिए नगर निगम के चौथी श्रेणी के कर्मचारियों जैसे चौकीदारों, बेलदारों और सहायकों को शामिल किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं और उन्हें प्रशिक्षण में अपर्याप्त जानकारी दी गई है। आरोप है कि अधूरे प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण शहर में 1096 एचएलबी शुरू नहीं हो पाए हैं।
एक चौथी श्रेणी के कर्मचारी ने गुमनामता की शर्त पर बताया कि एचएलबी कार्य के लिए नगर निगम के सभी दस कार्य क्षेत्रों में 30-35 सहायकों और चौकीदारों को तैनात किया गया है। केवल चौकीदारों और सहायकों ही नहीं, बल्कि बेलदारों, इलेक्ट्रिशियनों और जल विभाग के कर्मचारियों को भी इस कार्य के लिए मैदान में उतारा गया है। 22 हज़ार मासिक वेतन और 19 हज़ार में खरीदे गए मोबाइल फोन वाले इन कर्मचारियों को सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अधिकांश के पास कीपैड वाले फोन हैं और वे एंड्रॉयड-12 या आईफोन-14 जैसे उन्नत डिवाइस चलाने में असमर्थ हैं।
एक सहायक ने बताया कि वह नगर निगम में मासिक लगभग 22 हज़ार रुपये कमाता है, लेकिन एचएलबी कार्य के कारण उसने 19 हज़ार रुपये में नया स्मार्टफोन खरीदा है। इससे परिवार में पत्नी और चार बेटियों के पालन-पोषण की स्थिति और बिगड़ गई है। मकानों की गणना में लोगों के सहयोग न मिलने की समस्या को लेकर उन्होंने बताया कि सेक्टर-51 में अधिकांश निवासियों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, एक सहायक को स्वास्थ्य कारणों से राहत दे दी गई है।
एक चौकीदार ने बताया कि गूगल मैप्स का डेटा वास्तविक मकानों से मेल नहीं खा रहा है। कई स्थानों पर लोग बातचीत से बचते हैं या बाहर जाने का बहाना बनाकर गेट बंद कर देते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रत्येक कार्य क्षेत्र में 50-60 चौथी श्रेणी के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
कर्मचारियों पर दोहरा दबाव है क्योंकि उन्हें नौकरी से हटाने की चेतावनी भी मिली है। मजबूरन परिवार के पालन-पोषण के लिए किस्तों पर फोन खरीद रहे हैं या परिवार की मदद ले रहे हैं। इस स्थिति में अब तक केवल 52% एचएलबी ऑनलाइन दर्ज हो पाए हैं।
जनगणना-2027 राष्ट्रीय महत्व का कार्य है जिसमें शिक्षित और प्रशिक्षित प्रगणकों को शामिल किया जाना है। काम शुरू करने से पहले एंड्रॉयड-12 और आईफोन-14 की उपलब्धता की पुष्टि की गई थी। जो कर्मचारी स्मार्टफोन नहीं रखते या अन्य समस्याएं बताते हैं, उन्हें प्रक्रिया से हटा दिया जाएगा। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। -इंदु प्रकाश सिंह, संसाधन अधिकारी, जनगणना

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