बहजोई स्थित डाकघर में तैनात डाक सहायक दीपक कुमार पर ग्राहकों के बचत खातों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और नकली पासबुक जारी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले उजागर होने के बाद सहायक लापता हो गया है, जबकि उसके बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है।
दीपक कुमार को जून 2025 में बहजोई डाकघर में डाक सहायक के पद पर नियुक्त किया गया था। मार्च 2026 में उन्हें संभल के मुख्य डाकघर स्थानांतरित कर दिया गया। ग्रामवासी रामवती ने शिकायत की कि उन्होंने सितंबर 2025 में 1.5 लाख रुपये का एक वर्षीय सावधि जमा (टीडी) कराया था, लेकिन पासबुक देरी से मिली और बाद में खाते में केवल 3,278 रुपये शेष पाए गए। नारायण टोला के राजीव कुमार ने भी अपने दो खातों में से एक के विवरण गायब होने की शिकायत की।
पुलिस जाँच में पता चला कि अप्रैल 2019 से मार्च 2026 तक सहायक के खाते में लगभग 1.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ, जबकि उसका मासिक वेतन इस अवधि में 36,000 से 42,000 रुपये के बीच रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि यह राशि नकद जमा और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लेनदेन से जुड़ी है। वर्तमान में दो ग्राहकों की लिखित शिकायतों की जाँच चल रही है और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।


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