साढ़-कुड़नी मार्ग पर बरईगढ़ के पास स्थित ब्रिटिश युग का रामगंगा नहर पुल रविवार को अचानक ढह गया। पुल का मध्य भाग नहर में गिरने से यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। घटना रविवार सुबह हुई। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि कहीं इस दुर्घटना में कोई व्यक्ति प्रभावित तो नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का मानना है कि नहर विभाग की लापरवाही और नए पुल से पानी के निकासी में रुकावट इस दुर्घटना का मुख्य कारण है।
वर्तमान में साढ़-कुड़नी मार्ग पर यातायात इसी पुराने पुल से चल रहा था। पुल के कमजोर होने के कारण पास ही एक नया पुल बनाया गया था। नए पुल के किनारे से लगे लोहे के पाड़ को हटाने में चूक के कारण वहाँ कचरा जमा हो गया है। नए पुल से पानी का निकास केवल मध्य वाली खिड़की से हो रहा था जिससे पानी का बहाव तेज हो गया। पिछले कुछ दिनों से पानी का स्तर बढ़ाया गया था जिससे दबाव बढ़ा और रविवार सुबह पुराने पुल का मध्य भाग ढह गया।
ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को सीडीओ अभिनव जे जैन और नहर विभाग के अधिकारियों ने यहाँ निरीक्षण किया था, लेकिन उस समय कोई समस्या नहीं पकड़ी गई। नए पुल से पानी के सुचारू निकासी न होने से लगभग 20 दिन पहले नहर फट चुकी थी। विभाग के अधिकारियों ने लगातार स्थिति को नजरअंदाज किया। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सफाई और रखरखाव होता तो यह दुर्घटना रोकी जा सकती थी।
पुल के ढहने के बाद साढ़ पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया है। नया पुल अभी निर्माणाधीन है और इसके पास कोई अप्रोच रोड नहीं बना है। इस दुर्घटना से साढ़-कुड़नी मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। अब साढ़ से कुड़नी जाने के लिए लोगों को तिवारीपुर, बरईगढ़ और रातेपुर होते हुए जाना पड़ रहा है। भारी वाहनों को गाँव की संकरी सड़कों से गुजरने में कठिनाई हो रही है।
साथ ही कानपुर में साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


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