जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन सुविधा को मजबूत करने के लिए 10 जून से वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 12 बसें शहर के विभिन्न मार्गों पर चलेंगी, जिनके किराए ऑटो-रिक्शा के समान रखने की योजना है।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन शुरू होने के साथ इन बसों के मार्गों का विस्तार किया जाएगा। बसों के मार्गों और किराए का निर्धारण इस सप्ताह के अंत तक किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के चालक परिचालक इन बसों का संचालन संभालेंगे।
वर्तमान में शहर में सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लाखों नागरिक ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों पर निर्भर हैं। मेट्रो सेवा सीमित मार्गों पर उपलब्ध है।
इस पहल से यात्रियों को ऑटो-रिक्शा के मनमाने किराए से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भी परिवहन निगम के साथ मिलकर बसें चलाई गई थीं, लेकिन घाटे के कारण उन्हें बंद करना पड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में 110 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का निर्देश दिया था। इसके तहत पहले चरण में 35 वातानुकूलित ई-बसें चलाने की योजना है, जिनमें से 18 नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र, 12 ग्रेटर नोएडा क्षेत्र और 5 यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित होंगी।
हवाई अड्डे के लिए चार मार्ग पहले से तय किए जा चुके हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और परिवहन निगम के अधिकारियों की बैठक में शहर के अन्य प्रमुख मार्गों के लिए बस रूट और किराए पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 12 बसें चार मूर्ति चौक-सूरजपुर घंटा चौक, चार मूर्ति चौक-130 मीटर चौड़ी सड़क-जीआईएमएस-हवाई अड्डा, मकौड़ा गोलचक्कर-नासा पार्किंग-सेक्टर पी-7-हवाई अड्डा और औद्योगिक सेक्टर-16-तिलपता गोलचक्कर-स्वर्णनगरी-यथार्थ अस्पताल-जीबीयू-हवाई अड्डा जैसे मार्गों पर चलेंगी।















