संवाद सूत्र, हथरस। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन एवं शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूल वाहनों का 7 जून तक फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया जाएगा, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है।
वर्तमान में जिले में 79 से अधिक स्कूली वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के चल रहे हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग छुट्टियों के दिनों में भी वाहनों की जांच एवं फिटनेस संबंधी प्रक्रियाएं संपन्न कर रहा है। सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्धारित समयसीमा में वाहनों की तकनीकी जांच पूरी कराने का निर्देश दिया गया है।
विशेष अभियान के तहत स्कूल बसों एवं वैन की फिटनेस के साथ-साथ अग्निशामक यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स, गति नियंत्रक, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा तथा अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। जिन वाहनों में कोई कमी पाई गई है, उन्हें तत्काल सुधारने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अनुपयुक्त वाहनों के उपयोग को बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के साथ शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी स्कूलों को 7 जून तक अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बाद भी नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ मान्यता संबंधी कार्रवाई की जाएगी।
लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ















