संवाद सूत्र (भैरहवा) नेपाल। नेपाल पुलिस ने कुशीनगर में मानव तस्करी और आर्थिक शोषण के बड़े रैकेट के खुलासे के बाद जांच की गति बढ़ा दी है। रोजगार और अधिक आय के लालच देकर कुशीनगर ले जाए गए 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकालने के बाद रुपंदेही पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। इस मामले में अब तक 20 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि गिरोह के प्रमुख सहित अन्य लोगों की तलाश जारी है। जिला प्रहरी कार्यालय रुपंदेही के सूचना अधिकारी दिनेश बहादुर कुंवर ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ करके पूरे नेटवर्क और उसके प्रमुख तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। आकर्षक नौकरी और अधिक कमाई का वादा करके शेष 433 नेपाली नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने के बाद उनके परिवार को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नेपाल के लुंबिनी, कोशी और सुदूरपश्चिम प्रदेशों के युवाओं को रोजगार और अधिक आय के लालच देकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ले जाया जाता था। वहां उन्हें नेटवर्किंग व्यवसाय से जोड़ने, प्रशिक्षण देने और विभिन्न फॉर्म भरवाने के नाम पर प्रति व्यक्ति सात हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम वसूली जाती थी। पीड़ितों के रिश्तेदारों की शिकायत पर शुरू हुई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पूछताछ में पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कम वेतन पर काम कराया जाता था और नए सदस्यों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। कई लोगों को एक ही कमरे में 15-16 व्यक्तियों के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। कुछ पीड़ितों ने बंधक बनाने और जबरन पैसे वसूलने के आरोप भी लगाए हैं। डीएसपी निशांत श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है। कुशीनगर पुलिस और नेपाली सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय से लगभग छह महीने तक अध्ययन और निगरानी के बाद यह रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान करके उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए गए हैं। संगठित गिरोह की तरह काम करने वाले नेटवर्क की जांच से पता चला कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। एक समूह युवाओं को प्रशिक्षण देता था, जबकि दूसरा सदस्यता शुल्क वसूलने और नए लोगों को जोड़ने का काम करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाली दूतावास के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ितों से मुलाकात कर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की है।


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