जागरण संवाददाता, लखनऊ। आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित 50 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत लखनऊ के 42 ग्रामों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंगलवार को सदर तहसील में 21 किसानों ने लगभग दस हेक्टेयर भूमि का दस्तावेजीकरण किया। प्रशासन को इस परियोजना के लिए कुल साढ़े पाँच सौ हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करनी है। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के 42 ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच लंबे समय से एक संपर्क मार्ग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को यातायात जाम का सामना न करना पड़े। वर्तमान में यात्रियों को शहर के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ता है, जिसमें अधिक समय लगता है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग तीन हज़ार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने पर दोनों एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। प्रशासन ने 42 ग्रामों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है और दस्तावेजीकरण आज से प्रारंभ हो गया है। एसडीएम सदर मनोज कुमार ने भूमि विक्रेता किसानों का स्वागत किया।
प्रशासन के अनुसार, लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित भूमि की बिक्री पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी भी व्यक्ति द्वारा इन भूमियों को तीसरे पक्ष को बेचने की अनुमति नहीं होगी। यदि भूमि खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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