संवाद सूत्र, पाकबड़ा (मुरादाबाद)। उमरी सब्जीपुर गांव में शराब की दुकान पर स्थानीय दबंगों द्वारा मारा-पीटा गए पेंटर मुकेश की मंगलवार सुबह सात बजे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना के दस दिन बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन को शांत करने के लिए सर्कल अधिकारी (सीओ) को हस्तक्षेप करना पड़ा।
24 मई की रात मुकेश अपने गांव में स्थित शराब की दुकान पर पहुंचे थे, जहां गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति (बड्डन) अपने साथियों के साथ शराब पी रहा था। उन्हें देखते ही बड्डन ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर लाठियों से प्रहार किया। इस हमले में मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के सदस्यों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन पुलिस ने शुरुआती शिकायत दर्ज नहीं की।
मुरादाबाद के लाल सिंह मेमोरियल अस्पताल में दस दिन तक इलाज के बावजूद मुकेश की हालत बिगड़ती रही। मंगलवार को सुबह उनकी मृत्यु के बाद परिवार ने शव को गांव लाया, जिससे पुलिस के खिलाफ रोष भड़क उठा। सीओ राजेश कुमार ने हस्तक्षेप करके स्थिति को नियंत्रित किया।
अंततः मृतक की पत्नी छाया की शिकायत पर पुलिस ने गांव के बड्डन और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच जारी है।















