जागरण संवाददाता, रायबरेली। गेगासो गंगा पुल के बंद होने के बाद हजारों भारी वाहनों को डलमऊ मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है। इस कारण मुराइबाग चौराहे पर लगातार यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। साथ ही, गंगा पुल से मुराइबाग तक के रास्ते में एक-एक फीट के गड्ढे बन गए हैं, जिससे छोटे वाहनों को चलने में कठिनाई हो रही है। हालांकि, फतेहपुर की ओर जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग अभी भी एकमात्र विकल्प है।
अब इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग ने सात मील से गंगा पुल तक के 8.65 किलोमीटर रास्ते के चौड़ीकरण का काम 30 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना के लिए पहले चरण में 10 करोड़ 83 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। हालाँकि, ठेकेदार की धीमी प्रगति को देखते हुए अधिशासी अभियंता ने चेतावनी जारी की है। अभी तक सड़क के दोनों ओर खुदाई करके केवल कुछ हिस्सों में ही गिट्टी भरी गई है। बताया जा रहा है कि डामर की उपलब्धता न होने के कारण काम की गति प्रभावित हुई है। डामर का ऑर्डर देने के एक सप्ताह बाद ही वह साइट पर पहुंच रहा है। बारिश के मौसम में डामरीकरण की संभावना नहीं है। यदि गड्ढों की भराई समय पर नहीं हुई, तो वर्षा के दौरान यातायात और भी प्रभावित होगा। अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर तक चौड़ीकरण पूरा हो जाएगा।
स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम शुक्ल ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से आम जनता को रोज़ाना परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पियूष शर्मा के अनुसार, निर्माण सामग्री और धूल से दुकानदारों और पैदल यात्रियों को परेशानी हो रही है। शिवप्रसाद साहू ने बताया कि काम की धीमी गति से समस्या बढ़ रही है। हालाँकि, वर्तमान में काम तेज़ी से चल रहा है। सुनील दत्त, अधिशासी अभियंता ने बताया कि ठेकेदार को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


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