लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर के सात पूरक मंदिरों में से छह का ध्वजारोहण शुक्रवार को पूरा हो चुका है। ये सभी मंदिर परकोटे के अंदर स्थित हैं। अब परकोटे के बाहर दक्षिण-पश्चिम दिशा में बने शेषावतार मंदिर पर धर्म ध्वज फहराने की बारी है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है, लेकिन अभी अंतिम योजना पर चर्चा चल रही है। ट्रस्ट अधिकारियों का कहना है कि इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ-साथ लगभग एक हजार अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा।
ट्रस्ट ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों को पहले से ही निमंत्रण भेज दिया है, जबकि अन्य अतिथियों के आमंत्रण पत्र जल्द ही भेजे जाएंगे। शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण के साथ ही सभी पूरक मंदिरों पर इस समारोह की श्रृंखला समाप्त होगी। ट्रस्ट ने प्रत्येक मंदिर के लिए अलग-अलग तिथियों और अतिथि सूची का निर्णय लिया है ताकि ये आयोजन यादगार बने रहें।
पहले राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर 31 दिसंबर 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परकोटे के अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वज फहराया था। इसके बाद 26 मार्च को सूर्य मंदिर, दो अप्रैल को हनुमान मंदिर, 11 अप्रैल को गणेश मंदिर, 29 अप्रैल को शिव मंदिर और 29 मई को दुर्गा मंदिर पर ध्वजारोहण किया गया। शिव मंदिर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वज फहराया था।
ट्रस्ट ने नाथ संप्रदाय के गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर को शिव मंदिर के लिए उपयुक्त माना था। इसी प्रकार, शेषावतार मंदिर के लिए उपमुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। प्रारंभ में केवल उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य को बुलाने का विचार था, लेकिन बाद में दोनों को निमंत्रण दिया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि यह आयोजन 23 जून को शाम पांच बजे के बाद परकोटे के बाहर दक्षिणी दिशा में स्थित शेषावतार मंदिर पर समारोहपूर्वक होगा।
सप्तर्षि मंदिरों के निकट होने के कारण इस दिन दर्शन को कुछ समय के लिए स्थगित रखा जा सकता है। राम मंदिर के प्रबंधक गोपाल राव ने बताया कि आयोजन के स्वरूप को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।


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