जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत लाइनमैन विजय राठौड़ की पीलीभीत के कलक्ट्रेट परिसर में निर्वाचन कार्यालय के निकट मंगलवार को बिजली के तारों से करंट लगने के बाद मृत्यु हो गई। यह घटना एक दुर्घटना नहीं मानी जा सकती, क्योंकि लाइनमैन को हेल्मेट, सेफ्टी बेल्ट, दस्ताने, हार्नेस और जूते जैसे सुरक्षा उपकरणों के बिना सीढ़ी पर चढ़ाया गया था। पेड़ की टहनियों को बिजली के तारों से हटाने के लिए पोल पर चढ़े आउटसोर्सिंग लाइनमैन विजय राठौड़ को करंट लगने के बाद सीढ़ी से गिरते हुए उसकी मौत हो गई। लाइन चालू अवस्था में काम करते समय उसके पास कोई सुरक्षा सामग्री नहीं थी। इस लापरवाही के पीछे विभाग के अवर अभियंता की जिम्मेदारी और लाइन शटडाउन की स्थिति पर जांच चल रही है। दुर्घटना के बाद आधे घंटे तक घायल लाइनमैन को अस्पताल पहुँचाने के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध न कराने पर साथी कर्मचारियों ने अधिकारियों से अनुरोध किया, परंतु कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
22 वर्षीय विजय, जो कोतवाली सदर के मुहल्ला मदीना शाह निवासी थे, अपने सहयोगी रमबाबू और जनार्दन के साथ निर्वाचन कार्यालय के बाहर लगे बिजली के पोल पर पेड़ की टहनियाँ हटाने गए थे। साथियों के अनुसार, लाइन शटडाउन की पुष्टि विभागीय अधिकारियों द्वारा की जानी बाकी है। विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध न कराने की स्थिति में विजय बिना किसी सुरक्षा उपकरण के पोल पर चढ़ा। लाइन बंद होने के बावजूद किसी जनरेटर से बैक करंट सप्लाई के कारण तारों में करंट प्रवाहित हुआ।
झटके लगते ही विजय पोल से नीचे गिरकर मृतक हो गया। उसके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। साथियों ने कलक्ट्रेट स्टाफ और अधिकारियों से तत्काल अस्पताल पहुँचाने का अनुरोध किया, परंतु आधे घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसडीओ मनोज कुमार यादव और जेई राजकुमार ने घटनास्थल पर फोन बंद कर दिए। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने पर परिवार और सहकर्मियों ने अधिकारियों पर लापरवाही और आवासों में बिजली की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्य अभियंता ने जाँच का निर्देश दिया है। एसडीओ ने बिजली आपूर्ति रोककर स्थिति को नियंत्रित किया। पाँच घंटे तक बिजली की कटौती के कारण उपभोक्ताओं ने असंतोष जताया। विभाग की टीम बिजली बहाल करने में जुटी है। जिम्मेदारों की पहचान और कार्रवाई की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।















