लंदन, प्रेस्टन। स्मार्टफोन गिरने पर उसकी स्क्रीन के टूटने की समस्या अब पुरानी हो सकती है। वैज्ञानिकों ने चांदी और ग्रैफीन के मिश्रण से ऐसी स्क्रीन तैयार की है जो न केवल लचीली और किफायती है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक स्मार्टफोन्स की ऊर्जा खपत को कम करेगी। वर्तमान में स्मार्टफोन स्क्रीन बनाने के लिए इंडियम टिन ऑक्साइड का उपयोग होता है, जो दुर्लभ, महंगा और नाजुक धातु है। इसके विकल्प के रूप में चांदी को प्रभावी पाया गया है। ब्रिटेन की ससेक्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चांदी के नैनोतारों (सिल्वर नैनोवायर्स) और ग्रैफीन को मिलाकर एक हाइब्रिड सामग्री विकसित की है, जिसकी कार्यक्षमता मौजूदा तकनीक के बराबर है। ससेक्स यूनिवर्सिटी के एलन डाल्टन ने बताया कि टच स्क्रीन में चांदी के नैनोतारों का उपयोग पहले भी हुआ है, लेकिन ग्रैफीन के साथ संयोजन नया प्रयास है। इस तकनीक से स्क्रीन अधिक टिकाऊ, संवेदनशील और कम ऊर्जा वाली होंगी। एक अन्य शोधकर्ता मैथ्यू लार्ज के अनुसार, यह खोज पूरी तरह लचीले उपकरणों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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