शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने कपड़ा गुम होने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 78440 रुपये का जुर्माना लगाया है।
शहर के मोहल्ला नया बाजार निवासी विपिन कुमार ने छह सितंबर 2022 को आयोग में ट्रांसपोर्ट कंपनी यूनिवर्सल एक्सप्रेस सर्विसेज हेड ऑफिस मुखर्जी नगर दिल्ली के विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि उसने पवन टेक्सटाइल 4 मोरो मार्किट जोगियान नई सड़क दिल्ली से दुकान की बिक्री के लिए कपड़ा खरीदा था, जो विपक्षी की ट्रांसपोर्ट से शामली भेजा जाता है। विपक्षी बिल्टी चार्ज यानि सेवा कर प्राप्त कर ग्राहक को सेवा देता है। सात अक्तूबर 2021 को 80 हजार रुपये का माल विपक्षी के ट्रांसपोर्ट के माध्यम से शामली आदर्श ट्रांसपोर्ट पर आना था, लेकिन माल नहीं पहुंचा।
परिवादी का कहना है कि उसने कई बार विपक्षी को कई बार मौखिक रूप से कहा, लेकिन वह झूठे वादे करता रहा और कहा कि माल जल्दी ही उनके यहां पहुंच जाएगा। परिवादी ने विपक्षी को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस सात अप्रैल व नौ मई 2022 को भेजा गया, जिनमें से प्रथम नोटिस की प्राप्ति पर विपक्षी ने परिवादी को मोबाइल फोन पर बताया कि अतिशीघ्र उनका माल या 80 हजार रुपये उन्हें दे दिए जाएंगे, लेकिन इसके बाद भी न तो रुपये दिए और न ही माल दिया गया। परिवादी ने दूसरा नोटिस भेजा, जिसका विपक्षी ने गलत तथ्य लिखकर माल व रुपये देने से बचने के लिए गलत जवाब भिजवाए। इसका जवाब छह जून 2022 को परिवादी ने नोटिस के माध्यम से दिया, लेकिन उसके बाद आज तक न तो कोई सामान और नही रुपये परिवादी को दिए गए। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने विपक्षी को आदेशित किया कि परिवादी के खरीदे माल की वास्तविक कीमत 28,440 रुपये अदा करें। मानसिक, आर्थिक व सामाजिक क्षति हेतु 20 हजार रुपये व वाद व्यय पांच हजार रुपये परिवादी को भुगतान हेतु जिला आयोग में जमा करें और विपक्षी द्वारा किए गए अनुचित व्यापार व्यवहार हेतु 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। साथ ही आदेश का पालन 45 दिन के अंदर न करने पर उपभोक्ता अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई।















