शामली। बुधवार को जिलेभर के दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में कई घंटे अपने मेडिकल स्टोर बंद रखकर प्रदर्शन किया। स्टोर संचालकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ऑनलाइन दवा बिक्री को अवैध बताते हुए इस पर रोक लगाए जाने की मांग की। स्टोर संचालकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।
बुधवार को कैमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष देवराज सिंह मलिक के नेतृत्व में पहुंचे दवा व्यापारियों ने कई घंटे अपने मेडिकल स्टोर को बंद करके ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इंटरनेट के माध्यम से बिना पर्याप्त निगरानी और सत्यापन के दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। लंबे समय से सरकार से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं। साथ ही भारी छूट और प्रिडेटरी प्राइसिंग नीति अपनाकर छोटे दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट खड़ा किया जा रहा है। दवा व्यापारियों ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 तथा नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद वर्षों से विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां दवाओं की बिक्री कर रही हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री व होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट पर रोक लगाई जाए। दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं शहर में मेडिकल स्टोर बंद रहने से बड़ी संख्या में मरीजों और ग्राहकों को दवाइयां लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।















