नई दिल्ली। दिल्ली हाल के सालों में किसी विरोध प्रदर्शन के लिए अपनी सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती की तैयारी कर रही है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 10 अक्टूबर 2026 के प्रदर्शन से पहले, राजधानी में लगभग 26,000 सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवान तैनात किए जाएंगे, 15,000 तक दिल्ली पुलिस के जवान तैनात होने की संभावना है और 500 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी भी तैनात की जा रही हैं।
बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरा पहनने का निर्देश
पुलिस ने अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरा पहनने का निर्देश भी दिया है, क्योंकि प्रशासन पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों सहित 50,000 से ज़्यादा लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारी कर रहा है। CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। विपक्षी दलों के भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है।
महिला प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या में भागीदारी की उम्मीद
मौजूदा तैनाती और अतिरिक्त कर्मियों को मिलाकर, राजधानी में केंद्रीय बलों की कुल संख्या लगभग 26,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। महिला प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या में भागीदारी की उम्मीद को देखते हुए, दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के अलावा 450-500 और महिला पैरामिलिट्री कर्मियों को भी तैनात किया जा रहा है।
बॉडी कैमरे, डिटेंशन सेंटर और बॉर्डर पर चेकिंग
हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान बदसलूकी के आरोपों के बीच बॉडी कैमरों का इस्तेमाल शुरू किया गया है। तीन महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। इन कैमरों का मकसद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को रिकॉर्ड करना और गलत व्यवहार के आरोप लगने पर फुटेज उपलब्ध कराना है।
दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के आवागमन पर रहेगी नजर
अगर बड़ी भीड़ जमा हो जाती है और हटने से इनकार करती है, तो पुलिस स्टेडियम जैसी जगहों पर करीब 10 अस्थायी डिटेंशन सेंटर भी तैयार कर रही है। दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा जांच बढ़ाई जा रही है, खासकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाले रास्तों पर; साथ ही, पुलिस दूसरे राज्यों से आने वाली बसों और उनके आवागमन पर भी नजर रख रही है।
रेलवे ने ट्रेनें रद्द कीं, दिल्ली मेट्रो ने 57 स्टेशन बंद किए
पाबंदियां सिर्फ विरोध वाली जगह तक ही सीमित नहीं हैं। रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है, क्योंकि भारी ट्रैफिक जाम की आशंका है। पुलिस सेंट्रल दिल्ली में आने-जाने के लिए कैब एग्रीगेटर्स के साथ तालमेल बिठा रही है, जबकि होटलों और गेस्ट हाउसों से नई बुकिंग न लेने को कहा गया है। शराब की दुकानों को भी 9 और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है। इस बीच, दिल्ली मेट्रो ने घोषणा की है कि उसके 57 स्टेशन बंद रहेंगे।
CJP के विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए CJP-AISA के विरोध प्रदर्शन की इजाज़त देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने बताया कि CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से सिर्फ तीन दिन पहले, 7 अक्टूबर को सूचना दी थी, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा किए जाने चाहिए। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP ने चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट में किए गए 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (खास सघन समीक्षा) में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया है, जबकि इस विवाद के कारण दिल्ली भर में विपक्षी दलों, छात्र समूहों और कार्यकर्ताओं ने कई दिनों तक विरोध-प्रदर्शन किए हैं।















