शामली। शहर में त्रिवेणी समूह की अपर दोआब शुगर मिल्स ने वर्तमान गन्ना पेराई सत्र में दूसरा मिल बंदी नोटिस जारी कर दिया है। शुगर मिल ने 16 अप्रैल को बंदी के लिए सचिव प्रभारी सहकारी गन्ना विकास समिति लि. शामली को भेज दिया है। किसानों को कैलेंडर की समस्त पर्चियां जारी करने के बावजूद चीनी मिल में गन्ने की आवक कम हो रही है जिसकी वजह से चीनी मिल कम क्षमता पर चल रही है अथवा नो केन की स्थिति से गुजर रही है।
मिल के महाप्रबन्धक गन्ना सतीश बालियान ने बताया, जिन किसानों के पास उनकी पर्ची से अधिक गन्ना बकाया है ऐसे किसानो के लिये फ्री पर्ची की व्यवस्था की जा चुकी है इसलिए पर्ची की कमी या पर्ची के इंतजार में अपने गन्ने की कटाई ना रोकंे तथा समय रहते अपना आपूर्ति योग्य सभी गन्ना आपूर्ति कर लें। किसानों की सुविधा के लिए पांच दिन की तारीख बढ़ा रखी है ताकि जिन किसानों की पर्ची की तारीख निकल गयी है वह भी पुरानी पर्ची पर अपना गन्ना आपूर्ति कर सकें। उन्होंने कहा, 28 क्रय केन्द्रों में से 14 क्रय केन्द्र बन्द हो चुके हैं तथा बचे हुये 14 क्रय केन्द्र भी अगले दो दिनों में बन्द हो जायेंगे।
उन्होंने किसानों से कहा, अपना सम्पूर्ण गन्ना चीनी मिल में ही सप्लाई करें ताकि आपका बेसिक कोटा बना रहे तथा मिल को साफ, सुथरा, जड़, अगोला, पत्ती रहित ही गन्ना मिल में सप्लाई करने को कहा है। चीनी मिल में बीती 12 अपै्रल तक 79.47 लाख कुंतल गन्ना पेराई की जा चुकी है। मिल द्वारा गत 7 मार्च तक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है ।
महाप्रबंधक गन्ना ने कहा, गन्ने में चोटी बेधक की सुन्डी दिखाई दे रही है। चोटी बेधक से प्रभावित कल्लों को मिट्टी की सतह से काटकर नष्ट कर दें तथा कोराजन, नेटजन तथा वोलियम की 150 एम.एल. मात्रा का 400 ली. पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से जड़ों के पास डेचिंग करें अथवा फटेरा, नटेरा की 8 कि.ग्रा. प्रति एकड़ या फ्यूराडान की 12 कि.ग्रा. प्रति एकड़ की दर से खूटो में प्रयोग करें। उक्त सभी दवाईयां मिल में अनुदान पर उपलब्ध हैं।















