महीनों से चले आ रहे अमेरिका-ईरान टकराव के बीच अब बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है, जिससे न सिर्फ युद्ध खत्म होने की दिशा बन सकती है, बल्कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य भी फिर खुल सकता है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका, ईरान और कुछ अन्य देशों के बीच एक बड़ा समझौता काफी हद तक तय हो चुका है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम मुहर बाकी है और कुछ शर्तें बदल भी सकती हैं.
क्या है इस डील में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर बातचीत चल रही है, उसमें 14 बिंदु शामिल हैं. इसमें से कुछ खास ये हैं.
ईरान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो. लेबनान के मोर्चे पर भी.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति खत्म करने की कोशिश होगी.
होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोला जाएगा.
ईरानी बंदरगाहों पर लगा अमेरिकी नौसैनिक दबाव कम हो सकता है.
विदेशी बैंकों में फंसी कुछ ईरानी संपत्तियां अनफ्रीज की जा सकती हैं.
इसके बाद कम से कम 30 दिन की नई बातचीत चलेगी, जिसमें सबसे कठिन मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम पर चर्चा होगी.
यानी फिलहाल यह पूरी डील नहीं, बल्कि युद्ध रोकने और आगे की बातचीत शुरू कराने वाला अंतरिम फार्मूला माना जा रहा है.
जहां ट्रंप ने कहा कि होर्मुज खुलेगा, वहीं ईरान की सरकारी एजेंसी फार्स न्यूज ने इस दावे को चुनौती दे दी. ईरानी रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज पर नियंत्रण ईरान के हाथ में ही रहेगा और ट्रंप का ‘फ्री पैसेज’ वाला दावा ‘हकीकत से मेल नहीं खाता.’ ईरान का कहना है कि उसने सिर्फ जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले वाले स्तर तक लौटाने पर सहमति जताई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पहले जैसा पूरी तरह खुला समुद्री रास्ता हो जाएगा. यानी जिस बात को ट्रंप बड़ी सफलता बता रहे हैं, वहीं ईरान उसे अलग तरीके से पेश कर रहा है.















