जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर, लुधियाना और लखनऊ जैसे शहरों में आवासीय व वाणिज्यिक परियोजनाओं के नाम पर 19,425 निवेशकों से 2,004 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के चार शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। ईडी के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने सोमवार को कंपनी के प्रमोटर्स व निदेशक अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता को पकड़कर पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज पांच एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच में पता चला कि अर्थ ग्रुप ने निवेशकों से परियोजनाओं की समय पर डिलीवरी और निश्चित रिटर्न का झूठा वादा करके धन जुटाया। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 467 करोड़ रुपये) कंपनी की अन्य संस्थाओं और संबंधित लोगों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। निवेशकों को न तो परियोजनाओं का कब्जा मिला और न ही रिटर्न, जिससे हजारों लोगों की बचत डूब गई।
ईडी ने अप्रैल में दिल्ली-एनसीआर में कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर 6.30 करोड़ रुपये नकदी, 8.78 करोड़ रुपये के आभूषण और 100 से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ईडी मनी लांड्रिंग के इस जाल को पूरी तरह उजागर करने की कोशिश कर रहा है।
यह मामला एनसीएलटी में लंबित है, लेकिन 18 महीने की तय अवधि से छह साल हो चुके हैं। इस देरी के कारण निवेशकों को न्याय नहीं मिल पा रहा। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने भी कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत इस मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज की थी।





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