शामली। क्षेत्र में गन्ने की फसल में चोटी बेधक की सूड़ी (लार्वा) गन्ने के तनों में घुस चुकी है। विशेषज्ञों ने किसानों से इसकी रोकथाम पर जोर दिया है।
शामली चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने के खेतों में निराक्षण करने पर पाया कि गन्ने के तनों में चोटी बेधक कीट की सूड़ी प्रवेश कर चुकी हैै। आज गांव मलैण्डी में पूरे गांव के कृषकों (लगभग 150 किसान) को क्रय केन्द्र मलैण्डी प्रथम के पास कृषक हरवीर एवं संजीव के खेतों पर प्रदर्शन के तौर पर खेतों को दिखाया गया। इन किसानें के गन्ने के खेतों में लगभग 80 प्रतिशत तनों में सूड़ी प्रवेश कर तनो को नष्ट कर रही है। मलैण्डी गांव के किसानों को चोटी बेधक के प्रकोप होने की पहचान बतायी जो कि पत्तियों के मध्य शिरा में लाल सफेद रंग की लकीर बनी हुई है जिसके माध्यम से संूड़ी ने गन्ने के तने में प्रवेश किया है, तथा कुछ कल्लों में छर्रे के छेद जैसे निशान भी दिखाई दे रहे है इसकी रोकथाम के लिए कोराजन, नैटजन, वोलियम 150 मि.ली. प्रति एकड़ 400 लीटर पानी में घोल बनाकर ड्रेचिंग करने तथा 8 कि.ग्रा. फर्टेरा एवं नर्टेरा प्रति एकड खेत में विखेरकर पानी लगाने की सलाह दी।
उपरोक्त कीटनाशकों का प्रयोग सभी खेतों में तत्काल प्रभाव से कर दें ताकि सूंड़ी मर जाये तथा गन्ने के कल्ले मरने से बच जायें इसके प्रचार प्रसार के लिए चीनी मिल द्वारा दो ई0 रिक्सा के माध्यम से गांवों में एनाउसमेन्ट किया जा रहा है तथा व्हाटस एप, पम्पलेट एवं फलैक्सी के माध्यम से भी अवगत कराया जा रहा है। इस मौके पर चीनी मिल के यूनिट हेड संजय शर्मा, महाप्रबन्धक (गन्ना) सतीश बालियान तथा चीनी मिल के सभी अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।















