दक्षिणी दिल्ली के हौज खास क्षेत्र में बुधवार रात आर-15 स्थित आवास में लगी आग में पूर्व आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार की मृत्यु हो गई। इस घटना में उनके पुत्र गौरव को गंभीर झुलसावों के साथ एम्स में इलाज चल रहा है, जबकि पत्नी मंजू कुमार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार एसी के इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद आग फैलने की संभावना है। विशेषज्ञों ने एसी के इनडोर यूनिट में विस्फोट/आग लगने के संभावित कारणों में गैस रिसाव, स्पार्किंग, कैपेसिटर का अत्यधिक गर्म होना शामिल किया है।
धनेंद्र कुमार के कमरे में लगभग आठ साल पुराना एलजी कंपनी का एसी लगा था, जिसकी एक सप्ताह पहले प्राइवेट तकनीशियन द्वारा सर्विसिंग कराई गई थी। वर्धमान इलेक्ट्रानिक्स के एमडी मनोज कुमार के अनुसार यदि एसी में हल्के ज्वलनशील रेफ्रिजरेंट (जैसे आर-32 या आर-290) था और इनडोर यूनिट की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हुआ, तो स्पार्क से आग लगकर विस्फोट हो सकता है। कैपेसिटर के खराब होने या ओवरहीटिंग की स्थिति में भी तेज धमाके की आवाज के साथ विस्फोट संभव है।
पुलिस ने केवल इनडोर यूनिट में विस्फोट की पुष्टि की है। फोरेंसिक रिपोर्ट के आगमन पर ही पता चलेगा कि कैपेसिटर फटा था, गैस रिसाव हुआ था या कोई अन्य खराबी थी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के आँकड़ों के अनुसार राजधानी में लगभग 60% आग की घटनाएं बिजली संबंधी खराबियों (जैसे शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग) से जुड़ी हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक गर्मी के कारण लगातार एसी चलाने से कंप्रेसर और वायरिंग पर दबाव बढ़ता है, जिससे आंतरिक तापमान खतरनाक स्तर तक पहुँच सकता है।
गैस रिसाव की स्थिति में एसी की कूलिंग क्षमता घटती है और मशीन पर दबाव बढ़ता है। इसके संकेतों में फुसफुसाहट जैसी आवाज, कम ठंडक, वेंट से गर्म हवा निकलना और काइल पर बर्फ जमना शामिल हैं। गंदे एयर फिल्टर से एयरफ्लो अवरुद्ध होता है, जिससे मशीन का तापमान तेजी से बढ़ता है। सावधानियाँ: एसी से जलने की गंध आने पर तुरंत ध्यान दें। एसी के बार-बार चालू-बंद होने या असामान्य आवाजों को नजरअंदाज न करें। नियमित सर्विसिंग करवाएं, वायरिंग की जाँच कराएं, मजबूत एमसीबी का उपयोग करें और एसी का तापमान 24-26°C के बीच रखें।
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