लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत का मामला कोई सामान्य मामला नहीं है और यह उत्तर प्रदेश सरकार को गिरा सकता है। यादव ने इस मामले की तुलना 2020 में कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे के पुलिस मुठभेड़ से की। सपा प्रमुख यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में यह दावा किया। शिवा की कथित लिव-इन पार्टनर और मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के बारे में पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिये पुलिस और सरकार पर तंज कसा।
उन्होंने दावा किया, "यह मामला भी कोई मामूली मामला नहीं है। यह ऐसा मामला है जो सरकार को गिरा देगा।" उन्होंने परोक्ष तौर पर यह भी संकेत दिया कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों का कथित तौर पर संबंध हो सकता है। यादव ने कहा, "न्याय मिलना चाहिए। याद करिए, तब गाड़ी नहीं पलटी थी, सरकार पलटने से बच गई थी।" उनका इशारा गैंगस्टर विकास दुबे को जुलाई 2020 में मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश लाते समय कानपुर में गाड़ी पलटने के बाद पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में उसके एक पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की ओर था।
विकास दुबे पर कानपुर के बिकरू में पुलिसकर्मियों की सामूहिक हत्या का आरोप लगा था। दुबे ने उज्जैन में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के अनुसार श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है, जिसे पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ला रही है। इस मामले में 31 वर्षीय फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, उनके ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कैफे मालिक की मौत मामले को लेकर ''टीवी चैनल बंटे हुए हैं, कुछ श्रद्धा दुबे के पक्ष में तो कुछ उसके खिलाफ दिख रहे हैं। हर जगह श्रद्धा ही श्रद्धा है। पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही है।"















