इंसान के अगर हौंसले बुलंद हो तो उसमें उम्र, परिस्थितियां मायने नहीं रखती है। उनके हौसलों के आगे बाधा भी पीछे छुट जाती है। ऐसी ही बिहार की महिला आईपीएस उर्मी सिन्हा है। उर्मी सिन्हा ने उस उम्र में इतिहास रच दिया जब तक सिविल परीक्षा देने के युवा सोचते है।
उर्मी सिन्हा ने महज 21 साल की आयु में देश की सबसे कठिन परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक कर दिया और अपने नाम के आगे आईपीएस लगा लिया। उर्मी सिन्हा ने परीक्षा को क्रैक करके आईपीएस का खिताब ही अपने अपनाम नहीं किया, बल्कि उसने सबसे युवा आईपीएस अधिकारी बनने का गौरव भी हासिल कर लिया।
बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर निवासी उर्मी सिन्हा ने 17 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना स्थित हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में पासिंग आउट परेड को पास करके पुलिस सेवा में शामिल हुई है। उर्मी सिन्हा ने सिविल परीक्षा में आल इंडिया में 170वीं रैं हासिल की थी और उनको आंध्र प्रदेश में आईपीएस का कैडर मिला है। अब फिलहाल 23 वर्षीय की उर्मी सिन्हा अब आईपीएस अधिकारी के तौर पर आंध्रप्रदेश में अपनी सेवाएं देगी7
बिहार के साथ पश्चिम बंगाल से नाता
आईपीएस उर्मी सिन्हा का बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर की रहने वाली है। उनके पिता डॉ. रंजीत सिन्हा हावड़ा में बाल रोग विशेषज्ञ है, जबकि उनकी मां गृहणी है। उनका परिवार पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बस गया था, जहां उनकी शुरुआती पढ़ाई पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही उर्मी ने यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू कर दी थी।
बिना कोचिंग के घर पर बैठकर की तैयारी
उर्मी सिन्हा इतनी होनहार है कि उन्होंने यूपीएससी की तैयारी किसी कोचिंग सेंटर से नहीं बल्कि घर पर बैठकर ही तैयारी की। उर्मी सिन्हा ने वर्ष 2023 में ग्रेजुएशन के बाद ऑनलाइन स्टडी मटीरियल, मेंटर्स के सही गाइडेंस और खुद के बनाए स्टडी प्लान बनाया। इसमें प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू, तीनों चरण पहले ही चांस में पूरे कर लिए। उसने UPSC CSE 2024 में AIR 170 हासिल करके आईपीएस का कोटा हासिल किया।















