नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। उन्होंने संगठन को पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आरएसएस एक पुरुष प्रधान और संविधान विरोधी संगठन है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं। उन्होंने आगे कहा, 'मैं शिव-शक्ति में विश्वास करता हूं, इसलिए मुझे उनसे लड़ना इतना आनंद देता है। सबसे खूबसूरत बात यह है कि उनके संगठन की कई महिलाएं मेरे साथ हैं।'
आरएसएस पर निशाना साधने के साथ ही राहुल गांधी ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि सत्य और न्याय की जीत का यह पर्व लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने अहंकार, अन्याय और अत्याचार पर सत्य और न्याय की विजय की कामना की।
राहुल गांधी के बयान के बीच भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने उनकी वियतनाम यात्रा को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपना ज्यादातर समय विदेश यात्राओं में बिताते हैं। खंडेलवाल के मुताबिक, राहुल गांधी भारत आते हैं, किसी मुद्दे पर विवाद खड़ा करते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं।
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं के मकसद और वहां होने वाली मुलाकातों के बारे में लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी पिछले दो-तीन वर्षों में की गई अपनी विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि इन यात्राओं के दौरान राहुल गांधी किन लोगों से मिलते हैं और उनके खर्च का भुगतान कौन करता है।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के साथ-साथ एक सार्वजनिक हस्ती भी हैं। ऐसे में जनता को उनकी विदेश यात्राओं के उद्देश्य और उन पर होने वाले खर्च के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से इस बारे में पारदर्शिता बरतने की मांग की।















