नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान जिले की सीमा पर स्थित दामोदर नदी के चर (लालबाबा मानाचर) इलाके में डबल मर्डर की घटना सामने आयी है. महाअष्टमी की रात हुई इस घटना को अंधविश्वास, तंत्रसाधना और नरबलि से जोड़कर देखा जा रहा है. बांकुड़ा-कांकसा सीमा पर मंगल चौधरी ने अपनी पत्नी रुम्पा चौधरी (39) का धारदार हथियार से सिर धड़ से अलग कर दिया. अपने पिता को भी मार डाला. पत्नी का सिर कलम करने के बाद कटा हुआ सिर मंदिर के ऊपर रख दिया.
बाद में मंगल ने अपने पिता राजेंद्र चौधरी (60) को भी घर के आंगन में धारदार हथियार से काटकर मार डाला. उसने अपने छोटे भाई को भी मौत के घाट उतारने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा.
दुर्गा पूजा की अष्टमी की रात करीब 8 बजे हुई इस वारदात के बाद सोनामुखी और कांकसा थाना पुलिस के संयुक्त दल ने छापेमारी कर आरोपी मंगल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पूरा मामला अंधविश्वास और तंत्रसाधना से जुड़ा प्रतीत होता है.
स्थानीय लोगों का दावा है कि मंगल और उसकी पत्नी पिछले कई महीनों से एक कथित तांत्रिक के संपर्क में थे. तांत्रिक का उनके घर पर लगातार आना-जाना था. आशंका जतायी जा रही है कि किसी तांत्रिक के उकसावे या ‘सिद्धि’ पाने के फेर में आरोपी ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया.
घटना की सूचना मिलते ही बांकुड़ा जिले के सोनामुखी थाना और पश्चिम बर्धमान के कांकसा थाना की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने आरोपी मंगल चौधरी को कब्जे में लेकर धारदार हथियार बरामद कर लिया है. दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांकुड़ा सम्मिलनी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस अब उस संदिग्ध तांत्रिक की तलाश में है, जिसके कहने पर इस वारदात को अंजाम देने का संदेह है.















