नई दिल्ली। सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. दोनों पर मक्का की एक मस्जिद में 'अनैतिक काम' करने का आरोप था. हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया कि उन्होंने आखिर ऐसा क्या किया था, जिसके लिए उन्हें मौत की सजा दी गई. इस मामले में सुनवाई की प्रक्रिया, पारदर्शिता और बांग्लादेश सरकार को पहले से जानकारी दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं.
सऊदी मीडिया ने गृह मंत्रालय के हवाले से दोनों की पहचान नाजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर और सिति अख्तर के रूप में की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें इस्लामी कानून की ताजी़र श्रेणी के तहत मौत की सजा दी गई. इस श्रेणी में अपराध के हिसाब से सजा तय करने का अधिकार न्यायिक व्यवस्था को होता है.
हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने कथित अपराध की पूरी जानकारी, गिरफ्तारी की तारीख और मुकदमे की प्रक्रिया सार्वजनिक नहीं की. यही वजह है कि इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं.
बांग्लादेशी अखबार 'प्रथम आलो' के मुताबिक, नाजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर बांग्लादेश के ब्राह्मणबाड़िया जिले का रहने वाला था. वह नवंबर 2022 में सऊदी अरब गया था और मक्का की मस्जिद अल-हरम में सफाईकर्मी के तौर पर काम करता था.
परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने सऊदी अरब पहुंचने के करीब आठ महीने बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद वह जेल में ही रहा. परिवार ने बताया कि 11 अक्टूबर को उनकी नाजरुल से आखिरी बार बात हुई थी. तीन दिन बाद उन्हें उसकी फांसी की खबर मिली.
नाजरुल के पिता अब्दुल बासिर ने द डेली स्टार से कहा कि अगर उनके बेटे को बिना उचित वजह के फांसी दी गई है, तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए. परिवार का दावा है कि उन्हें फांसी से पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी.
नाजरुल के रिश्तेदारों और दोस्तों ने भी आरोपों पर सवाल उठाए हैं. उसके चचेरे भाइयों ने दावा किया कि सऊदी अरब में एक पाकिस्तानी सहकर्मी के साथ उसका विवाद हुआ था और उन्हें साजिश की आशंका है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सिति अख्तर के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी उपलब्ध है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनका नाजरुल से क्या रिश्ता था. नाजरुल के पिता ने जागो न्यूज से कहा कि परिवार सिति को नहीं जानता और उन्हें सिर्फ इतना पता था कि दोनों एक ही जगह काम करते थे.
दूसरी ओर, बीबीसी बांग्ला से बातचीत में परिवार के एक सदस्य ने दावा किया कि नाजरुल ने कभी सिति के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की थी. लेकिन दोनों के रिश्ते को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सऊदी अरब ने बांग्लादेश सरकार को गिरफ्तारी और फांसी की जानकारी दी थी. बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने शनिवार को बताया कि ढाका को फांसी से पहले इसकी जानकारी नहीं थी. सरकार को इस बारे में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला.















