सहारनपुर। दिल्ली-देरादून एक्सप्रेस-वे अगले 36 घंटे के बाद जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेस वे का लोकार्पण करेंगे। बताया जाता है कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले ऐतिहासिक मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। इसके लिए मंदिर परिसर को विशेषतौर पर पश्चिम बंगाल एवं वृंदावन के फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर में पूजन-दर्शन के बाद मोदी एक्सप्रेस वे को जनता को समर्पित करेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ एवं उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी विशेषतौर पर मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में सुरक्षा भी चाक-चौबंद रहेगी। स्थानीय पुलिस व विशेष फोर्स के लगभग पांच हजार सुरक्षाकर्मी इस दौरान सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। कार्यक्रम में आने वालों को भी थ्री लेयर जांच से होकर गुजरना पड़ेगा।
एनएचएआई के अनुसार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने के बाद इन दोनों शहरों के बीच की दूरी 210 किलोमीटर रह जाएगी। इसे पूरा करने में 2.5 से 3 घंटे का समय लगेगा और यात्रियों को पांच टोल प्लाजा से होकर गुजरना पड़ेगा। परियोजना उत्तराखंड और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में अहम साबित होगी। इसके शुरू होने से यात्रा का समय काफी कम होगा तथा लोगों को सुविधापूर्ण सफर का अनुभव मिलेगा।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह गलियारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है तथा इससे राष्ट्रीय राजधानी एवं देहरादून के बीच यात्रा का समय मौजूदा छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा।
प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान वह सहारनपुर जाकर दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे पर बने 'वन्यजीव गलियारे' की समीक्षा करेंगे। इसके बाद मोदी देहरादून के पास स्थित 'मां डाट काली' मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे। यात्रियों को सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए गलियारे में 'उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली' (एटीएमएस) लगाई गई है।















