नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश से दखल का आग्रह करने के लिए सोमवार को शाम चार से पांच बजे के बीच उनसे मुलाकात का समय तय किया है। बेंगलुरु में खरगे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशभर में ''अराजकता पैदा की है।'' उन्होंने कहा कि शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती और लोगों को हिरासत में लिया जाना दिखाता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से ''डरी हुई'' है। खरगे ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात के बारे में कहा, ''हमने शाम चार से पांच बजे के बीच का समय मांगा है। हम उन्हें अपनी बात भी बताएंगे, क्योंकि हम मांग नहीं कर सकते। हम उनसे हाथ जोड़कर केवल अनुरोध ही कर सकते हैं।''
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र भी लिखे हैं। उन्होंने बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों का एक वीडियो 'एक्स' पर साझा किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने 'एक्स' पर लिखा, ''कल हम प्रधान न्यायाधीश से मिलने भी जा रहे हैं। मैंने पत्र लिखा है और राहुल गांधी ने भी पत्र लिखा है। हमने शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय तय किया है। इस दौरान हम उन्हें हालात से अवगत कराएंगे।'' शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा के नाम पर लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि सड़कों को बंद कर दिया गया, संचार सेवाएं बाधित थीं, हवाई अड्डे तक पहुंच सीमित कर दी गई और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया गया।
उन्होंने दावा किया, ''कल करीब 32,000 पुलिसकर्मियों और 7,500 सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) कर्मियों को तैनात किया गया था। यह अपने आप में दिखाता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितना डरती है।'' खरगे ने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं से पता चलता है कि सरकार भारत में लोकतंत्र को शांतिपूर्ण ढंग से काम नहीं करने देना चाहती। उन्होंने कहा, ''हम लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।'' शनिवार को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा आहूत प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में विपक्ष के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गईं तथा दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। विपक्षी दल प्रधानमंत्री और भाजपा पर ''वोट चोरी'' के जरिए चुनावों में ''धांधली'' का आरोप लगाते हुए मंगलवार से प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के दलों ने मंगलवार को प्रदर्शन शुरू किया था। उन्होंने संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च निकाला, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन परिसर में आठ घंटे तक धरना दिया था।















