शामली। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को सैंकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के 15 साल बाद भर्ती नियमोें मंे बदलाव नहीं किया जा सकता है।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (एआईजेटीएफ) के प्रदेश व्यापी आह्वान पर जनपद के सैंकड़ों शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर डिप्टी कलेक्टर हामिद हुसैन को प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया, जिसमें 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता का विरोध किया गया। शिक्षक नेताओं ने कहा, पूरे देश के शिक्षकों की मांग है कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना, संविधान के नियमों के खिलाफ है क्योंकि नियुक्ति के 15 साल बाद भर्ती के नियमों को नहीं बदला जा सकता। यदि ऐसा हुआ तो शिक्षक प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन करेंगे और कार्य बहिष्कार कर विद्यालयों की तालाबंदी के लिए मजबूर होंगे।
मशाल जुलूस यात्रा में जिले से अटेवा शामली, भारतीय किसान यूनियन (शिक्षक प्रकोष्ठ), उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक संगठन, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन, कौमी उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, टीचर्स सेल्फ केयर टीम, एससी एसटी शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ आदि संगठनों ने भाग लिया। ज्ञापन देने वालों में नवनीत गहमारी, प्रमेन्द्र कुमार, रोहित राणा, अमित मित्तल, पवन कुमार, सुनील पंवार, गौरव कुमार, बिलेन्द्र सिंह, अमित खैवाल, सुनील तोमर, प्रदीप शर्मा, योगेंद्र सिंह, सुधीर राणा, पूनम तोमर, नीरू नैन, नीलम जावला, सुनील चौधरी, प्रताप सिंह, दीपक वर्मा, राजीव, शोकेंद्र, रजत देशवाल, सुभाष, उपेंद्र, ज्ञानेंद्र कुमार, सीमा, प्रदीप कुमार, तपन कुमार, अनुज कुमार, भोला कुमार, धीरज कुमार, यशपाल सिंह, रविंद्र कुमार, अरुण कुमार, विवेक मलिक, विनय कुमार, मुस्तकीम, पुष्पेंद्र राठी, प्रवीण कुमार, हरीश कुमार, सचिन कुमार, विवेक मलिक, बिजेंद्र कुमार, अमृता, नवीन कुमार, बिजेंद्र कुमार, जुल्फीकार अली आदि अध्यापक उपस्थित रहे।















