नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) द्वारा सोमवार को प्रस्तावित मार्च और विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर की गई भारी बैरिकेडिंग, पाबंदियों और पुलिस पहरे को लेकर केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है।
सवाल यह है कि दिल्ली को जेल में क्यों बदल दिया गया है?
राहुल ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए सीधा सवाल किया है कि आखिर सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए पूरी दिल्ली को एक खुली जेल में क्यों तब्दील कर रही है। राहुल गांधी ने कहा, 'दिल्ली में कई दिनों से वोटों की चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, सवाल यह है कि दिल्ली को जेल में क्यों बदल दिया गया है? लोगों को शहर में आने से रोका जा रहा है, ट्रेनों और बसों में रोका जा रहा है, सब जगह पुलिस है और दिल्ली को एक किले में बदल दिया गया है।'
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'हम चाहते हैं कि सड़कों पर 20,000 से 30,000 पुलिसकर्मी तैनात हों। सरकार बहुत बड़ी गलती कर रही है, क्योंकि हम देश को दिखाना चाहते हैं कि पीएम मोदी ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा पक्की करना चाहते हैं... उन्हें जितनी ज़्यादा सुरक्षा मिलेगी, हम आखिरकार उनके कंट्रोलर तक उतनी ही आसानी से पहुंच पाएंगे। हमें ऐसी खबरें मिल रही हैं कि पुलिसकर्मी परेशान हैं क्योंकि उन्हें युवाओं को पीटने का आदेश दिया जा रहा है, जबकि RSS सदस्यों को खुली छूट देने के निर्देश दिए जा रहे हैं।'
क्यों इस्तीफा नहीं दे रहे हैं?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि हम वही सवाल उठा रहे हैं जो दो चुनाव आयुक्तों ने पूछा था, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? ज्ञानेश कुमार, आपकी नींद उड़ गई है, हम आपको बख्शेंगे नहीं... हमें आपके अतीत और आपके भ्रष्टाचार के बारे में पता है, और हम इंतजार कर रहे हैं।'















