शामली। शहर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में भगवान परशुराम जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताआंे ने कहा कि परशुराम चिरंजीवी एवं उत्कृष्ट आदर्शों के कारण युगो-युगों तक स्मरणीय रहेंगे।
जानकारी के अनुसार कालेज में परशुराम जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में परितोष शर्मा ने बताया कि भगवान परशुराम का जन्म एक ब्राहमण परिवार में हुआ था। जो विष्णु के छठे अवतार के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक वृतान्तों के अनुसार उनका जन्म महर्षि भृगु के पुत्र महर्षि जमदग्नि द्वारा सम्पन्न पुत्र कामेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप पत्नी रेणुका के गर्भ से वैशाख शुक्ल तृतीया को हुआ। महाभारत और विष्णुपुराण के अनुसार परशुराम जी का मूल नाम राम था। इन्होंने कठिन तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया इसके फलस्वरूप भगवान शिव ने इनको परशु नामक अस्त्र प्रदान किया। तभी से इनका नाम परशुराम हो गया। परशुराम चिरंजीवी एवं उत्कृष्ट आदर्शों के कारण युगो-युगों तक स्मरणीय रहेंगे। इस अवसर पर प्रधानाचार्या आनंद प्रसाद शर्मा, अरविन्द कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, नीटू कुमार, संजू कुमार, मधुबन, अशोक सोम, सोमदत्त, शुभम कुमार, भानू कुमार, हर्ष वत्स, पवन कुमार आदि उपस्थित रहे।















