शामली। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन की जनपद शाखा के पेंशनरों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन कलक्ट्रेट में सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने सरकार से पेंशन व्यवस्था में सुधार की मांग की।
पेंशनरों का कहना था कि वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर पेंशनरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सभी पेंशनरों को समान रूप से आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए। प्रदर्शन कर रहे पेंशनरों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, पेंशन राशिकरण की कटौती 10 वर्ष बाद समाप्त करने, 65 वर्ष की आयु के बाद हर 5 वर्ष पर 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि देने तथा पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा कोरोना काल के 18 माह के डीए, डीआर एरियर के भुगतान की भी मांग की गई। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट देने, आयुष्मान भारत योजना में कैशलेस इलाज की सीमा 10 लाख रुपये करने तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल पेंशन में जोड़ने की भी मांग रखी। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पेंशनर आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, विनेश त्यागी, बाल किशन आर्य आदि शामिल रहे।















