शामली। स्मार्ट मीटर योजना अब उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बन चुकी है। जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुविधा प्रदान करना था, वही आज यह नीति मध्यवर्गीय और दैनिक आय पर निर्भर परिवारों के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन गई है। इस विरोध को लेकर उघोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री गौरव रुहेला, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा नमन गोयल और जिला अध्यक्ष शुभम गर्ग के नेतृत्व में गुरूवार को शहर के व्यापारीयों ने अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
व्यारियों ने अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर व्यापारीयों ने मांग की कि प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए और इसे उपभोक्ता की स्वीकृति के आधार पर लगाया जाए। मांग की कि उपभोक्ता को प्रीपेड मीटर की 5 साल की गारंटी दी जाए और उसका गारंटी कार्ड मीटर लगाते समय उपलब्ध कराया जाए। प्रीपेड मीटर लगाने के समय उपभोक्ता को उसके संचालन से संबंधित मैन्युअल उपलब्ध कराया जाए। प्रीपेड मीटर लगाए जाते समय उपभोक्ता के मोबाइल में संबंधित ऐप डाउनलोड करने की व्यवस्था की जाए। सीलिंग सर्टिफिकेट मौके पर उपभोक्ता को दिए जाएं और ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाए। प्रीपेड मीटर के तेज चलने की शिकायतों के लिए एक स्वतंत्र लैब की स्थापना की जाए, जहां उपभोक्ता अपने मीटर की जांच कर सके और रिपोर्ट के आधार पर बिलिंग में सुधार किया जाए। नए विद्युत कनेक्शन के लिए एस्टीमेट के नाम पर भारी अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए और उपभोक्ता को कार्यालय बुलाए जाने की व्यवस्था समाप्त की जाए।
प्रीपेड मीटर के पोर्टल को इतना प्रभावी बनाया जाए कि पैसे की राशि जमा होने पर तुरंत पोर्टल पर दिखे और कनेक्शन को 5 मिनट में पुनः चालू किया जा सके। इस अवसर पर कंन्हैया संगल, विनोद गोत्रा, संजीव, सतीश संगल, जावेद अंसारी, सचिन शर्मा, सागर, अंकुर, रोबिन संगल, यूनिस, राहुल नामदेव उपस्थित रहे।















