नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने छह अगस्त को हुई बैठक में यह निर्णय लिया। दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है जबकि बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी को बंबई उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा को इसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। कॉलेजियम ने एक अन्य फैसले में उच्च न्यायालयों के दो न्यायाधीशों के तबादले की भी सिफारिश की है। वर्तमान में उड़ीसा उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायमूर्ति मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात उच्च न्यायालय करने की सिफारिश की गई है। उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का तबादला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय करने की सिफारिश की गई है।
मद्रास उच्च न्यायालय में 15 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति
मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर रविवार को आठ अधिवक्ताओं और सात न्यायिक अधिकारियों ने शपथ ली। उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित एक सादे समारोह में, मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी ने नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई। मद्रास उच्च न्यायालय में इन 15 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही कुल न्यायाधीशों की संख्या 66 हो गई है जबकि स्वीकृत पद 75 है। नव नियुक्त स्थायी न्यायाधीशों में कृष्णास्वामी गोविंदराजन, रजनीश पथियिल, नटराजन रमेश, जी के मुथुकुमार और रामकृष्णन राजेश विवेकानंथन शामिल हैं।
बार से दो साल की अवधि के लिए नियुक्त अतिरिक्त न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति शंकरनारायणन रवीकुमार, न्यायमूर्ति नागराजन दिलीप कुमार और न्यायमूर्तिएलप्पन मनोहरन शामिल हैं। इनके अलावा दो साल की अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत न्यायिक अधिकारियों में डॉ. पी मुरुगन, एमडी सुमति, एस अल्ली, सी थिरुमगल चंद्रशेखर, शणमुगम कार्तिकेयन, बलुचामी मुरुगेसन और एन गुनासेकरन शामिल हैं।















