लखनऊ। लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार कर लिए गए लेकिन इसके पहले 11 दिनों तक उन्होंने यूपी पुलिस को कई बार चकमा दिया। तीनों पर यूपी पुलिस ने 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। मंगलवार को तीनों की गिरफ्तारी के बार ADG (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा दुबे और उसके साथ लगातार ट्रैवल कर रहे थे। वे ज्यादातर टैक्सी से ट्रैवल कर रहे थे। टैक्सी को एक स्थान पर छोड़कर अन्य साधन से वे आगे बढ़ जाते थे। श्रद्धा एक स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं रुकती थी। पुलिस उनकी लोकेशन को ट्रेस करते-करते जब तक वहां पहुंचती वह कहीं और चली जाती थी।
श्रद्धा दुबे 10-12 घंटे के अंतराल से पुलिस से बचती जा रही थी। मंगलवार को उसकी गिरफ्तारी के बाद जहां शिवा शर्मा की मां को सुकून मिला है वहीं यूपी पुलिस ने राहत की सांस ली है। नागपुर में मंगलवार को श्रद्धा दुबे की लुकाछिपी का खेल खत्म हो गया। ADG (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि तीनों को आवश्यक कानूनी कार्यवाही करके लखनऊ लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस उनसे पूछताछ करेगी जिससे इस केस से संबंधित अन्य सभी बातों का खुलासा हो जाएगा।
एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा दुबे सबसे पहले नेपाल गई। वह नेपाल से यूपी लौटी ताकि पुलिस इस मुगालते में रहे कि वह नेपाल में है। लखनऊ आकर उसने एक मीडिया चैनल को बाइट दी। श्रद्धा कम्युनिकेशन चैनल का कम से कम इस्तेमाल करती थी। नागपुर जाने के लिए भी उसने टैक्सी का इस्तेमाल किया। वह नागपुर इसी मकसद से भागी कि यूपी पुलिस उस तक न पहुंच सके। लेकिन अपने इस मकसद में वह कामयाब नहीं हुई।















