डिजिटल टीम, नई दिल्ली। असम के ऐतिहासिक मूंगा रेशम उद्योग को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। केंद्रीय उत्तर-पूर्वी विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को वर्चुअल रूप से 'मिशन स्नेहजोरी' का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 411 करोड़ रुपये के बजट से असम के मूंगा रेशम से जुड़े 2.5 लाख से अधिक बुनकरों, रेशम कीट पालकों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। यह तीन साल (2026-2028) की परियोजना मूंगा रेशम को किसानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, कपड़ा राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और DoNER राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी भाग लिया।
मिशन की शुरुआत करते हुए सिंधिया ने कहा, 'इस पहल का लक्ष्य असम के इस स्वर्णिम रेशम को किसानों के खेत से लेकर विदेशी बाजारों तक पहुंचाना है।' उन्होंने असम की इस पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और इससे जुड़े लोगों के आर्थिक उत्थान पर जोर दिया। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को 'अष्टलक्ष्मी' बताते हुए उन्होंने असम को मूंगा रेशम के लिए पहचाना। इस मिशन की प्रमुख विशेषता 11 हितधारकों (DoNER मंत्रालय, असम सरकार, कपड़ा मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, APEDA, ICAR, DRDO सहित) का सहयोग है।
परियोजना के तहत जोरहाट, शिवसागर, सुआलकुची, माजुली और लखीमपुर में 5 आधुनिक रीलिंग इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही धेमाजी में एक समर्पित 'मूंगा स्पिन सिल्क यूनिट' से प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाई जाएगी। असम के मुख्यमंत्री ने इस पहल को 'डबल इंजन सरकार' के सकारात्मक परिणामों का उदाहरण बताया। उन्होंने 1,180 किसान रुचि समूहों और 30 किसान उत्पादक संगठनों के गठन की घोषणा की।
डिजिटल ट्रैकिंग और मजबूत GI प्रमाणीकरण प्रणाली के माध्यम से विदेशी खरीदार उत्पादों की प्रामाणिकता जांच सकेंगे, जिससे धोखाधड़ी रुकेगी और वैश्विक विश्वास बढ़ेगा। कार्यक्रम में असम के बुनकरों और उद्यमियों ने वर्चुअल रूप से भाग लिया। एक लघु फिल्म के माध्यम से मूंगा रेशम की विरासत को प्रदर्शित किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन असम को इस अनूठे सुनहरे रेशम के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








-1780431064786.webp)





