जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस के नए नेतृत्व के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले डी.के. शिवकुमार के लिए अपने मंत्रिमंडल में राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों में संतुलन बनाने की चुनौती मौजूद है। इस संदर्भ में कांग्रेस उच्चाधिकारियों ने शिवकुमार तथा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ नई कैबिनेट के स्वरूप पर विस्तृत चर्चा की। शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ 2-3 उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति की पुष्ट संभावना है। सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए दलित, लिंगायत और अहिंदा समुदायों से एक-एक उपमुख्यमंत्री चुनने पर विचार चल रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शिवकुमार और सिद्धरमैया के साथ हुई बैठक में नए मंत्रिमंडल के चेहरों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस बैठक में खरगे के साथ लोकसभा विपक्ष नेता राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला भी शामिल रहे। कांग्रेस ने सिद्धरमैया को यह आश्वासन दिया है कि उनके समर्थकों को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
चूंकि कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री सहित केवल 34 मंत्री ही हो सकते हैं, इसलिए शिवकुमार बुधवार को प्रारंभिक मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेंगे और बाद में इसे विस्तारित किया जाएगा। इस समारोह में राहुल-प्रियंका गांधी सहभागी होंगे। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के प्रमुख नेता बेंगलुरू में शाम 4:05 बजे होने वाले शपथ समारोह में उपस्थित रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2028 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दलित नेता जी. परेमश्वर और प्रियंका खरगे उपमुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। सिद्धरमैया के पुत्र यतींद्र को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना है।
शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली को इस पद के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। साथ ही, कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों के चुनावों पर भी चर्चा हुई, जिसमें तीन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।








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