रामकोट क्षेत्र के मैनासी सरैंया गाँव में सोमवार को एक पांचवीं कक्षा की छात्रा ने मोबाइल देखने से मना करने पर आत्महत्या कर ली। घटना के अनुसार, पूर्वी पुत्री अमित मिश्र ने सोमवार दोपहर लंबे समय तक मोबाइल का उपयोग किया। परिवार ने उसे मोबाइल छीन लिया और निषेध किया, जिसके बाद वह नाराज हो गई। कुछ समय बाद उसका शव कमरे में दुपट्टे से लटके पाया गया। परिवार ने उसे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया, जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल के सबूतों और परिवार के बयानों के आधार पर जांच शुरू की है। थाना प्रमुख पियूष सिंह ने पुष्टि की कि किशोरी ने मोबाइल न देखने के निर्देश के बाद आत्महत्या की।
मनोचिकित्सक डॉ. प्रांशू अग्रवाल के अनुसार, बच्चों में मोबाइल की लत से मानसिक थकान, अवसाद और आत्महत्या के जोखिम बढ़ते हैं। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को डांटने के बजाय काउंसिलिंग दी जाए और मोबाइल की आदत को रोकने के लिए एक रणनीति बनाई जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया रील्स का अत्यधिक प्रभाव बच्चों के व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल रहा है।



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